Vaibhav Suryavanshi 175 Runs in U-19 Final

हरारे | खेल डेस्क
महज 14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो सालों तक याद रखा जाएगा। U19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ वैभव ने 80 गेंदों पर 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेलते हुए रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। उनकी तूफानी बल्लेबाज़ी के दम पर भारत ने 411/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया—जो U-19 वर्ल्ड कप के नॉकआउट इतिहास का सबसे बड़ा टोटल है।

जवाब में इंग्लैंड अंडर‑19 की टीम 311 रनों पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 100 रनों से जीतकर छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया।


🔥 फाइनल में वैभव का रिकॉर्डतोड़ शो

फाइनल में बाएं हाथ के बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने बड़े मैच के खिलाड़ी होने का प्रमाण दे दिया। उनकी 175 रनों की पारी U-19 वर्ल्ड कप नॉकआउट मुकाबलों में किसी भी खिलाड़ी का पहला 150+ स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज़ के निकोलस पूरन (143 रन, 2014 क्वार्टर-फाइनल) के नाम था। फाइनल में इससे पहले सबसे बड़ा स्कोर उन्मुक्त चंद (111, 2012)* का था, जिसे वैभव ने काफी पीछे छोड़ दिया।


📊 ऐतिहासिक आंकड़े एक नज़र में

  • 175 रन (80 गेंद) – स्ट्राइक रेट 218.75 (U-19 WC में 50+ गेंद खेलने वाली पारी में सबसे ऊंचा)
  • 15 छक्के – यूथ वनडे इतिहास में किसी एक पारी में सबसे ज्यादा
  • 55 गेंदों में शतक – U-19 WC का दूसरा सबसे तेज शतक
  • 71 गेंदों में 150 रन – इस स्तर पर सबसे तेज
  • 14 साल 316 दिन में शतक – U-19 WC के सबसे कम उम्र के सेंचुरियन
    (पहले रिकॉर्ड बाबर आज़म, 2010)

🏆 टूर्नामेंट में भी रहा दबदबा

पूरे टूर्नामेंट में वैभव सूर्यवंशी ने 439 रन बनाए—जो एक संस्करण में पांचवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। उन्होंने 30 छक्के जड़े, जो U-19 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भी खिलाड़ी द्वारा सर्वाधिक हैं। खास बात यह रही कि उन्होंने चार 50+ स्कोर किए और चारों पारियां 100+ स्ट्राइक रेट से आईं—ऐसा करने वाले वह पहले खिलाड़ी बने।


🇮🇳 टीम इंडिया का रिकॉर्ड टोटल

भारत का 411/9 U-19 वर्ल्ड कप नॉकआउट इतिहास का पहला 350+ स्कोर है। इससे पहले भारत का ही 349/6 (2016 क्वार्टर-फाइनल बनाम नामीबिया) सर्वश्रेष्ठ था। फाइनल में इससे पहले सबसे बड़ा स्कोर ऑस्ट्रेलिया का 253/7 (2024) था।


⭐ सीनियर टीम की दहलीज़ पर?

वैभव सूर्यवंशी की यह पारी सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि भविष्य का संकेत है। जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता से उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों को खेला, उसने यह बहस तेज कर दी है कि उन्हें सीनियर टीम इंडिया में भी मौका मिलना चाहिए। हरारे की इस पिच पर खेली गई यह पारी भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगी।

By Baiswari News Desk

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