काकामिगहारा, जापान: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीमों ने शानदार शुरुआत की है। भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं और अब उनकी नजर गोल्ड मेडल पर है। हालांकि, 27 सितंबर तक दोनों टीमों का स्वर्ण पदक मुकाबला बाकी है।
पुरुष टीम का शानदार प्रदर्शन

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ 13-1 की बड़ी जीत के साथ की। इसके बाद टीम ने श्रीलंका को 16-1 से हराया और दक्षिण कोरिया के खिलाफ भी 8-2 की शानदार जीत दर्ज की।
दक्षिण कोरिया के खिलाफ जीत खास रही, क्योंकि Hockey India के मुताबिक यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत की दक्षिण कोरिया पर सबसे बड़ी जीत थी।
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों का लक्ष्य सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि एशियन गेम्स में गोल्ड हासिल करके लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करना भी है। Hockey India ने टूर्नामेंट की शुरुआत में दोनों भारतीय टीमों के इसी लक्ष्य की जानकारी दी थी।
महिला टीम ने भी दिखाया दम

भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी टूर्नामेंट की शुरुआत जोरदार अंदाज में की। टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया और इसके बाद इंडोनेशिया को 17-1 से मात दी।
थाईलैंड के खिलाफ भारत ने 20-1 की बड़ी जीत दर्ज की। इसके बाद जापान को 3-1 से हराकर भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में जगह पक्की की।
जापान के खिलाफ जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने गोल्ड मेडल की अपनी दावेदारी को मजबूत किया है। टीम के प्रदर्शन में गोल करने की क्षमता के साथ-साथ डिफेंस और गोलकीपिंग में भी मजबूती दिखाई दी है।
साविता पुनिया ने बनाया खास रिकॉर्ड
एशियन गेम्स के दौरान भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया ने भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह भारतीय महिला हॉकी की सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनीं और उन्होंने 320 मैचों का पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ा।
उनकी उपलब्धि भारतीय हॉकी के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्तिगत मील का पत्थर है।
अब Gold Medal की बारी
भारत की महिला टीम का Gold Medal मैच 2 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। पुरुष टीम भी टूर्नामेंट में अपने अभियान को आगे बढ़ा रही है और उसका अगला मुकाबला 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ है।
इस तरह 27 सितंबर तक भारतीय हॉकी के लिए तस्वीर बेहद उत्साहजनक है, लेकिन दोनों टीमों के गोल्ड जीतने की खबर अभी नहीं है। भारतीय प्रशंसकों की नजर अब आने वाले निर्णायक मुकाबलों पर है।
भारत को हॉकी से बड़ी उम्मीदें

भारत का हॉकी में एशियन गेम्स का लंबा इतिहास रहा है। इस बार भी पुरुष और महिला दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी का प्रदर्शन किया है।
पुरुष टीम की बड़ी जीतों और महिला टीम के लगातार भारी अंतर से हासिल किए गए मुकाबलों ने भारतीय हॉकी प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
अब असली चुनौती निर्णायक मुकाबलों में इस प्रदर्शन को बरकरार रखने की होगी। अगर भारतीय टीमें अपने अभियान को स्वर्ण पदक तक ले जाती हैं, तो यह भारतीय हॉकी के लिए एशियन गेम्स 2026 की बड़ी उपलब्धि होगी।
