
नई दिल्ली एक बार फिर वैश्विक कूटनीति और टेक्नोलॉजी का केंद्र बनने जा रही है। 16 से 20 फरवरी तक राजधानी के प्रतिष्ठित आयोजन स्थल भारत मंडपम में पांच दिवसीय AI Impact Summit का आयोजन होगा। यह समिट न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार इस मेगा इवेंट में दुनियाभर से करीब 2 लाख प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। इसमें 7 देशों के राष्ट्रपति, 2 देशों के उपराष्ट्रपति, 9 देशों के प्रधानमंत्री और कई वैश्विक टेक कंपनियों के CEO भाग लेंगे। इतनी बड़ी संख्या में शीर्ष वैश्विक नेतृत्व का एक मंच पर जुटना अपने आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
‘People, Planet and Progress’ पर आधारित समिट
MEA के मुताबिक AI Impact Summit तीन प्रमुख सूत्रों — People (लोग), Planet (पृथ्वी) और Progress (प्रगति) — पर आधारित है। यह थीम बताती है कि भारत AI को केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं, बल्कि मानव कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के साधन के रूप में देखता है।
भारत का लक्ष्य AI के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि तकनीक आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सके। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में AI के उपयोग पर विशेष चर्चा होने की संभावना है।
इन देशों के राष्ट्रपति होंगे शामिल
Luiz Inácio Lula da Silva (ब्राजील)
Emmanuel Macron (फ्रांस)
Alar Karis (एस्टोनिया)
Peter Pellegrini (स्लोवाकिया)
Anura Kumara Dissanayake (श्रीलंका)
Aleksandar Vučić (सर्बिया)
Guy Parmelin (स्विट्जरलैंड)
इन राष्ट्रपतियों की मौजूदगी से यह स्पष्ट है कि AI अब केवल टेक्नोलॉजी का विषय नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक नीति और आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है।
उपराष्ट्रपति स्तर पर प्रतिनिधित्व
Bharrat Jagdeo (गुयाना)
Sebastien Pillay (सेशेल्स)
9 देशों के प्रधानमंत्री भी करेंगे शिरकत
Nikol Pashinyan (आर्मेनिया)
Tshering Tobgay (भूटान)
Andrej Plenković (क्रोएशिया)
Petteri Orpo (फिनलैंड)
Pedro Sánchez (स्पेन)
Kyriakos Mitsotakis (ग्रीस)
Dick Schoof (नीदरलैंड)
Olzhas Bektenov (कजाकिस्तान)
Navinchandra Ramgoolam (मॉरीशस)
इन नेताओं की भागीदारी से यह संकेत मिलता है कि AI पर वैश्विक सहयोग अब प्राथमिकता बन चुका है।
टेक दिग्गज CEO की मौजूदगी
AI Impact Summit में टेक्नोलॉजी जगत के सबसे प्रभावशाली नाम भी शामिल होंगे:
Sundar Pichai (CEO, Alphabet/Google)
Sam Altman (CEO, OpenAI)
Demis Hassabis (CEO, Google DeepMind)
Dario Amodei (CEO, Anthropic)
इन टेक लीडर्स की मौजूदगी से यह समिट उद्योग और नीति-निर्माताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का मंच बनेगा। AI रेगुलेशन, डेटा सुरक्षा, जिम्मेदार AI, और नवाचार जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं।
भारत के लिए क्यों है अहम?
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम में से एक है। स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल पेमेंट्स, और आईटी सेक्टर में भारत पहले ही मजबूत स्थिति में है। ऐसे में AI Impact Summit भारत को वैश्विक AI हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह समिट विदेशी निवेश, तकनीकी सहयोग और रिसर्च पार्टनरशिप के नए अवसर खोल सकता है। साथ ही, भारत की ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ मॉडल को भी दुनिया के सामने रखने का मौका मिलेगा।
निष्कर्ष
AI Impact Summit केवल एक टेक इवेंट नहीं, बल्कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था और नीति निर्धारण की दिशा तय करने वाला मंच बन सकता है। 2 लाख से अधिक प्रतिभागियों और दर्जनों शीर्ष वैश्विक नेताओं की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि AI अब विश्व राजनीति और विकास एजेंडा का केंद्रीय विषय बन चुका है।
नई दिल्ली में होने वाला यह आयोजन भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और टेक्नोलॉजी नेतृत्व को और मजबूत करेगा। दुनिया की नजरें अब इस ऐतिहासिक समिट पर टिकी हैं।
