
उन्नाव लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रहे पूर्व सांसद देवीबख्श सिंह का 86 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त किया है।
देवीबख्श सिंह वर्ष 1991, 1996 और 1998 में भारतीय जनता पार्टी से उन्नाव लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। उस समय यह सीट लंबे समय तक कांग्रेस के कब्जे में रही थी, लेकिन 1991 में उन्होंने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर बीजेपी का परचम लहराया था। उनकी जीत को जिले की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जाता है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
देवीबख्श सिंह का जन्म वर्ष 1940 में उन्नाव जिले की बीघापुर तहसील के कर्मी गढ़ेवा गांव में हुआ था। उन्होंने टेढ़ा इंटर कॉलेज से अपनी शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1960 में उनका विवाह कमला देवी से हुआ। उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, युवावस्था से ही उनका झुकाव सामाजिक कार्यों की ओर था। गांव और क्षेत्र के विकास के लिए वे हमेशा सक्रिय रहते थे। उनकी सादगी और सहज स्वभाव ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया।
राजनीतिक सफर
देवीबख्श सिंह ने वर्ष 1989 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी से जुड़ने के बाद उनका जनाधार तेजी से बढ़ा। वर्ष 1991 का लोकसभा चुनाव उनके राजनीतिक जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ, जब उन्होंने उन्नाव सीट से जीत दर्ज कर पहली बार संसद में कदम रखा।
इसके बाद उन्होंने 1996 और 1998 में भी इसी सीट से जीत हासिल कर लगातार तीन बार सांसद बनने का गौरव प्राप्त किया। यह उपलब्धि उस समय क्षेत्र की राजनीति में बड़ी मानी जाती थी।

शीर्ष नेतृत्व से करीबी संबंध
देवीबख्श सिंह का स्वभाव सरल और सौम्य था। वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के काफी करीबी माने जाते थे। बताया जाता है कि अटल बिहारी बाजपेयी ने ही उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें उन्नाव लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का अवसर दिया था।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी उनके शुक्लागंज स्थित आवास पर आए थे। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी उनकी बेटी के विवाह समारोह में शामिल हुए थे। इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के कितने विश्वासपात्र थे।
अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, कवियों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
बैसवारा क्षेत्रीय कल्याण समिति उन्नाव के अध्यक्ष मुन्ना सिंह अवधूत, महामंत्री हरि ओम सिंह, राकेश सिंह, उन्नाव के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राम चंद्र गुप्ता, सतीश बाजपेयी सहित कई प्रमुख व्यक्तियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर अंतिम प्रणाम किया।
